आज धर्मी एवं अधर्मी दोनों के लिए Zomato एक बड़ा खतरा क्यों बन गया है ❓आप भी जानें।
Zomato की कहानी ट्विटर से घूम कर फेसबुक पर आ गयी. उसमें भोजन के धर्म का प्रश्न उठाया गया है। अभी तक अमेज़न को पैसा दिया अब अमेज़न से पैसा लेना शुरू करें एक हिन्दू ने एक मुस्लिम डिलीवरी बॉय के हाथ से डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया और अपना आर्डर कैंसिल करा दिया। Zomato ने अपनी पीठ थपथपाते हुए शाबाशी लूटने की कोशिश की कि भोजन का कोई धर्म नहीं होता..एक कस्टमर की कमी बर्दाश्त की जाएगी। हम हिंदुओं का इस विषय पर गुस्सा यह निकल कर आ रहा है कि एक मुस्लिम की हलाल मीट नहीं होने की शिकायत को तो गम्भीरता से लिया गया, पर हिन्दू की धार्मिक कंसीडरेशन की शिकायत को ना सिर्फ नकार दिया गया, बल्कि उसे अपनी पीठ थपथपाने का अवसर भी बना लिया गया। क्यों❓ हमारी आपत्तियों में वह दम क्यों नहीं होता जो एक मुस्लिम की आपत्ति में होता है❓ पहली बात तो यह कि एक हिन्दू की आपत्ति एक व्यक्ति की आपत्ति है जबकि एक मुसलमान की आपत्ति पूरे समुदाय की आपत्ति है. उसमें एक कंसिस्टेंसी है। जो एक मुस्लिम की आपत्ति होगी वही दूसरे मुस्लिम की भी होगी। और यह आपत्ति किसी एक दिन की...