जागो हिन्दू जागो
मैं चिंतित हूं...! क्योंकि अधिकांश हिंदुओं को लगता है कि उनकी मेहनत की कमाई, परिसंपत्ति, संवैधानिक अधिकार उनसे कोई नहीं छीन सकता क्योंकि उन्हें लगता है कि जब उनकी नज़र किसी दूसरी कौम की संपत्ति, धर्म, इज्जत पर नहीं है तो दूसरों की भी उन पर नहीं होगी। वज़ह, उन्होंनेे इस्लामिक इतिहास को समझा नहीं है। यह बिल्कुल कबूतर और बिल्ली के किस्से जैसा ही है और जिस नासमझी कि कीमत हमेशा कबूतर को अपनी जान से चुकानी पड़ती है। हिन्दुओं की इतिहास से तो छोड़ो, हाल ही के कश्मीर के घटनाक्रम से भी कोई सीख न लेने से वे देश के अनेक हिस्सों से खदेड़े जा रहे हैं। जो इतिहास से सबक नहीं सीखता वहां इतिहास खुद को बारंबार दोहराता है। ज़रा बानगी देखिए... -एक दिन पूरे काबुल (अफगानिस्तान) का व्यापार सिक्खों का था, आज उस पर तालिबानों का कब्ज़ा है | -सत्तर साल पहले पूरा सिंध, सिंधियों का था, आज उनकी पूरी धन-संपत्ति पर पाकिस्तानियों का कब्ज़ा है | -एक दिन पूरा कश्मीर धन-धान्य और ऐश्वर्य से पूर्ण हिन्दुओंं का था, आज उन महलों और सेव के बागों पर आतंक का कब्ज़ा हो गया और उन्हें मिला दिल्ली में दस बाय...