यह समस्त देशवासियों के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म हैं, जहां पर आप उन सभी बातों को ब्यक्त कर सकते हैं, जो आपको देश की उन्नति में बाधक लगता है। This is a platform for all the citizens, but where you can express all those things, which can help you in the progress of the country.
🙏🙏🙏🙏🙏🙏 पूस का 13वां दिन…. नवाब वजीर खां ने फिर पूछा…. बोलो इस्लाम कबूल करते हो ? 6 साल के छोटे साहिबजादे फ़तेह सिंह ने नवाब से पूछा…. अगर मुसलमाँ हो गए तो फिर कभी नहीं मरेंगे न ? वजीर खां अवाक रह गया….उसके मुँह से जवाब न फूटा तो साहिबजादे ने जवाब दिया कि जब मुसलमाँ हो के भी मरना ही है , तो अपने धर्म में ही अपने धर्म की खातिर क्यों न मरें ? दोनों साहिबजादों को ज़िंदा दीवार में चिनवाने का आदेश हुआ...🗡 दीवार चिनी जाने लगी । जब दीवार 6 वर्षीय फ़तेह सिंह की गर्दन तक आ गयी तो 8 वर्षीय जोरावर सिंह रोने लगा….. फ़तेह ने पूछा, जोरावर रोता क्यों है ? जोरावर बोला, रो इसलिए रहा हूँ कि आया मैं पहले था पर कौम के लिए शहीद तू पहले हो रहा है…… उसी रात माता गूजरी ने भी ठन्डे बुर्ज में प्राण त्याग दिए । गुरु साहब का पूरा परिवार 6 पूस से 13 पूस… इस एक सप्ताह में कौम के लिए धर्म के लिए राष्ट्र के लिए शहीद हो गया । दोनों बड़े साहिबजादों, अजीत सिंह और जुझार सिंह जी का शहीदी दिवस ! और स्पष्ट कर दूँ...- 21 दिसम्बर से 27 दिसम्बर तक इन्हीं 7 दिनों में गुरु गोविंद सिंह जी का पूरा परिवार शहीद हो ...
चीन का एक प्रयोग सफल हुआ --1500 वायरस हैं - शी जिनपिंग विश्व पर हुकूमत करना चाहता है - सभी देश OBOR ख़ारिज करें और - चीनी सामान का बहिष्कार करें - जब से शी जिनपिंग को चीन का आजीवन राष्ट्रपति बनाया गया तभी से सच्चाई यही है उसकी अभिलाषा पूरी दुनियां पर हुकूमत करने की थी मगर ट्रम्प, मोदी और कुछ यूरोपियन देशों समेत कुछ शक्तियां उसके अभियान में बाधा बन कर खड़ी हैं -- शी जिनपिंग ने 2013 में अपनी महत्वकांशी योजना वन बेल्ट वन बेल्ट (OBOR) शुरू की जिसमे सभी देशों में अपने उत्पाद भेजने की कोशिश की थी मगर भारत और कई देश इसमें शामिल नहीं हुए --कुछ समय से ट्रम्प ने शी जिनपिंग को ट्रेड वार में उलझा रखा था जो उसकी आँखों में खटक रहा था -- दुनियां भर को आतंकित करने के लिए शी जिनपिंग ने वुहान में कोरोना वायरस को बाजार में छोड़ दिया और अपने लोगों को चुप करा दिया --82000 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए और 3200 की मौत हुई, ये चीन कहता मगर कौन जानता है क्या सच है -- चीन और पूरी दुनिया के अगर कुछ करोड़ लोग भी मारे...
पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस झूठ को नकारिए कि अमरनाथ गुफा की खोज एक मुस्लिम ने की थी! जानिए अमरनाथ का पूरा इतिहास ताकि अपने बच्चों को बता सकें। 1 जुलाई से बाबा बर्फानी के दर्शन के अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही फिर से सेक्युलरिज्म के झंडबदारों ने गलत इतिहास की व्याख्या शुरू कर दी है कि इस गुफा को 1850 में एक मुस्लिम बूटा मलिक ने खोजा था! पिछले साल तो पत्रकारिता का गोयनका अवार्ड घोषित करने वाले इंडियन एक्सप्रेस ने एक लेख लिखकर इस झूठ को जोर-शोर से प्रचारित किया था। जबकि इतिहास में दर्ज है कि जब इस्लाम इस धरती पर मौजूद भी नहीं था, यानी इस्लाम पैगंबर मोहम्मद पर कुरान उतरना तो छोडि़ए, उनका जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ की गुफा में सनातन संस्कृति के अनुयायी बाबा बर्फानी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। कश्मीर के इतिहास पर कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ और नीलमत पुराण से सबसे अधिक प्रकाश पड़ता है। श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर 3888 मीटर की उंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा को तो भारतीय पुरातत्व विभाग ही 5 हजार वर...
Comments
Post a Comment