ईद की सफाई
एक मियां अकबर थे उसकी दोस्ती सुंदर बेगम से फेसबुक पर हो गयी। गुड मॉर्निंग, nice pic , wow, से आगे कुछ बातें इनबॉक्स में भी होने लगी। मियां अकबर खुश रहने लगे। रोज़ इधर उधर से फेसबुकिया फूल भेज देते। एक दिन उनके मन की हो गयी। इनबॉक्स में नंबर मांग लिया बेगम ने। अब क्या था। व्हाट्सअप शुरू। जनाब रोमांटिक मैसेज भेजने लगे। अरे फेसबुक पर लड़की आपकी पोस्ट लाइक भर कर ले तो आप स्वयं को शाहरुख खान के अवतार समझने लगते हो। और अगर फ्रेंड रिक्वेस्ट आ जाये तो कहना ही क्या। खैर, एक दिन बेगम ने फ़ोन लगा लिया। जल्दी आ जाओ। "मेरे शौहर बाहर गए हैं"। जनाब बिजली की स्पीड से पहुंच गए। बात शुरू होती, तो अचानक होश आया। "तुम्हारे शौहर आ गए तो" "नहीं आएंगे, और आ जाएं तो तुम कालीन साफ करने लगना, थोड़ी देर में चले जायेंगे। वरना टेबल , पंखे साफ करते रहना" ये बात चल ही रही थी, की डोर बेल बज गई। शौहर आ गए। जनाब घबरा कर अपना रुमाल निकाल कर टेबल साफ करने लगे। बेगम ने झाड़ू , फटका, डस्टर , वाइपर ला कर पटक दिया। "लो साफ करो" शौहर ने "पूछा कौन है ये।...