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Showing posts from November, 2019

अयोध्या के बाद काशी की बात क्यों❓

क्या काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण किया गया था? औरंगजेब ने 9 अप्रैल 1669, को बनारस के "काशी विश्वनाथ मंदिर" तोड़ने का आदेश जारी किया था.....जिसका पालन कर अगस्त 1669, को काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण किया गया था...उस आदेश की कॉपी आज भी एशियाटिक लाइब्रेरी, कोलकाता में सुरक्षित रखी हुयी है। अपने बाप को कैद करने और प्यास से तड़पाने वाले आतातयी तथा धर्माध मुग़ल शासक औरंगजेब ने हिन्दुओं के श्रद्धा और आस्था के केंद्र बनारस सहित प्रमुख तीर्थ स्थलों के मंदिरों को अपने शासन काल में तोड़ने और हिन्दुओं को मानसिक रूप से पराजित करने के हरसंभव प्रयास किये.....औरंगजेब के गद्दी पर आते ही लोभ और बल प्रयोग द्वारा धर्मान्तरण ने भीषण रूप धारण किया था अप्रैल 1669 में चार हिन्दू कानूनगो बरखास्त किये गये...... जिन्हे मुसलमान हो जाने पर वापिस ले लिये गया.... औरंगजेब की घोषित नीति थी 'कानूनगो बशर्ते इस्लाम' अर्थात् मुसलमान बनने पर कानूनगोई... द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख काशी विश्वनाथ मंदिर अनादिकाल से काशी में है... यह स्थान शिव ...

एक और सच

💐 दुनिया का सबसे छोटा संविधान चीन का है: कोई अपराधी बचता नहीं है. सबसे भारी भरकम संविधान भारत का है: कोई अपराधी फंसता नहीं है. 💐 सरकारी राशन के दुकान पर भीड़ देखिये। हाथ में 20000 का मोबाइल लेकर 70000 के बाइक पर बैठकर 2 रुपये किलो चावल लेने आते है ये गरीब लोग। 💐 जिस देश में नसबन्दी कराने वाले को सिर्फ़ 1500₹ मिलते हों और बच्चा पैदा होने पर 6000₹ मिलते हों तो जनसंख्या कैसे नियन्त्रित होगी😍 💐एक बादशाह ने गधों को क़तार में चलता देखा तो धोबी से पूछा, "ये कैसे सीधे चलते है..?" धोबी ने जवाब दिया, "जो लाइन तोड़ता है उसे मैं सज़ा देता हूँ, बस इसलिये ये सीधे चलते हैं।" बादशाह बोला, "मेरे मुल्क में अमन क़ायम कर सकते हो..?" धोबी ने हामी भर ली। धोबी शहर आया तो बादशाह ने उसे मुन्सिफ बना दिया, और एक चोर का मुक़दमा आ गया, धोबी ने कहा चोर का हाथ काट दो। जल्लाद ने वज़ीर की तरफ देखा और धोबी के कान में बोला, "ये वज़ीर साहब का ख़ास आदमी है।" धोबी ने दोबारा कहा इसका हाथ काट दो, तो वज़ीर ने सरगोशी की कि ये अपना आदमी है ख़याल करो। इस बार धोबी ने...

राम मंदिर पर एक टिप्पणी

आत्मगौरव का मंदिर ये पोस्ट है उन सेक्युलरिज़्म का एनाकोंडा पाले महानुभावों के लिए जो SC के अयोध्या निर्णय के बाद से जले भुने ये कमेंट कर रहे है के गरीबी, बेरोजगारी, आर्थिक हालात का क्या... जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद युद्ध में जापान का मनोबल पूरी तरह ध्वस्त हो गया.... जापान ने मित्रराष्ट्रों के आगे आत्मसमर्पण कर दिया.. जापान अब एक युद्ध में बर्बाद देश था जिसके पास अपने मारे गए लोगों की सड़ती लाशों को सम्मान सहित अंतिम विदा देने की हैसियत तक न थी.... चारों तरफ हवाई हमलों में ध्वस्त इमारतें, बीमार घायलों की चीत्कारें, भूंख, मलवा और पाताल की गहराई तक गिरा मनोबल..... अमेरिकन और मित्रराष्ट्रों की सेना के कमांडर डगलस मेकआर्थर की दया पर जीता सांस लेता एक मुल्क जापान.... मित्रराष्ट्रों ने जापान को फिर खड़ा करने की योजनाएं बनाई जापानी भी पुनः अपने जीवन को जीने का प्रयत्न करने लगे लेकिन क्या टूटे मनोबल से कोई राष्ट्र कोई कौम जी सकती है.... सायद नहीं!! ऐसे में जापान के राजा हिरोहितो ने एक बेहद विवादित निर्णय लिया...... निर्णय था यासुकुनी श्राइन के पुनःनिर्म...

सच्चाई डंके की चोट पर

हां तो अब भी किसी को जानना है कि मोदी/योगी/भाजपा ने हिंदुत्व के लिए क्या किया है ? प्राचीन शहर अयोध्या को तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। अयोध्या में तीर्थ विकास परिषद की स्थापना की जाएगी, जिसे राज्य के साथ शहर को विकसित करने का काम सौंपा जाएगा। पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होगा।  अयोध्या में विकास योजनाओं का रोडमैप : 📌 केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक, नई अयोध्या के विकास की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी को दी गई है।  📌 नई अयोध्या के आधुनिकीकरण की योजना में शहर में राम संग्रहालय खोलने की भी योजना है। इसमें खुदाई के समय ASI द्वारा पाए गए कलाकृतियों और पुरावशेष को यहां प्रदर्शित किया जाएगा।  📌 अयोध्या तीर्थ विकास परिषद की स्थापना का प्रस्ताव अयोध्या तीर्थ विकास परिषद पर्यटन को बढ़ावा देने और इसे एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए काम करेगी। 📌 अयोध्या में भगवान राम को समर्पित दस द्वार स्थापित किए जाएंगे। 📌 अयोध्या में एक हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है, मई 2020 तक अयोध्या आने और जाने वाली प...

वाद - विवाद

मनु स्मृति के अनुसार,इन पंद्रह लोगों के साथ कभी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए!!!!!! ऋत्विक्पुरोहिताचार्यैर्मातुलातिथिसंश्रितैः। बालवृद्धातुरैर्वैधैर्ज्ञातिसम्बन्धिबांन्धवैः।। मातापितृभ्यां यामीभिर्भ्रात्रा पुत्रेण भार्यया। दुहित्रा दासवर्गेण विवादं न समाचरेत्।। अर्थात्  : - यज्ञकरने,वाले,पुरोहित,आचार्य,अतिथियों,माता,पिता,मामा आदि।संबंधियों,भाई,बहन,पुत्र,पुत्री,पत्नी,पुत्रवधू,दामाद तथा,गृह सेवकों यानी नौकरों से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। यज्ञ करने वाला : - यज्ञ करने वाला ब्राह्मण सदैव सम्मान करने योग्य होता है। यदि उससे किसी प्रकार की कोई चूक हो जाए तो भी उसके साथ कभी वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। यदि आप ऐसा करेंगे तो इससे आपकी प्रतिष्ठा ही धूमिल होगी। अतः यज्ञ करने वाले वाले ब्राह्मण से वाद-विवाद न करने में ही भलाई है।_ पुरोहित : - यज्ञ, पूजन आदि धार्मिक कार्यों को संपन्न करने के लिए एक योग्य व विद्वान ब्राह्मण को नियुक्त किया जाता है, जिसे पुरोहित कहा जाता है। भूल कर भी कभी पुरोहित से विवाद नहीं करना चाहिए। पुरोहित के माध्यम से ही पूजन आदि शुभ कार्य संपन्न होते हैं, जिसका पुण...

आओ लौट चले भारत की ओर

मैं समय हूँ AM और PM संस्कृत से चुराया गया शब्द है  हमे बचपन से ये रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दो A.M. और P.M. का मतलब होता है। A.M. : एंटी मेरिडियन (ante meridian) P.M. : पोस्ट मेरिडियन (post meridian) एंटी यानि पहले, लेकिन किसके ? और पोस्ट यानि बाद में, लेकिन फिर वही सवाल, किसके ?  ये कभी साफ नही किया गया क्योंकि ये चुराय गये शब्द का लघुतम रूप था ""किसके = जहां कारक खुद गौण है"" हमारे प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को अपनी आंधियो में उड़ा दिया और अब, सबकुछ साफ साफ दृष्टिगत है कैसे ? देखिये .... A.M. = आरोहनम मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya P.M. = पतनम मार्तण्डस्य Patanam Martandasya सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसीको गौण कर दिया, कैसे गौण किया ये सोचनीय है और बेतुका भी। भ्रम इसलिये पैदा होता है कि अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस 'मतलब' को नही इंगित करते जो कि वास्तविक में है। आरोहणम्_मार्तडस्य् Arohanam Martandasaya यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव) और  पतनम्_मार्तडस्य् Patanam Martandasaya यानि सूर्य का ...

गायत्री निवास

क्यूं जरूरी है घर में बड़े बुजुर्गों की उपस्थिति, एक मार्मिक कहानी जो किसी ने भेजी थी , मुझे लगा कि इसे प्रचारित किया जाना भारतीय संस्कृति को बचाये रखनें के लिए आवश्यक हैं .....             गायत्री निवास बच्चों को स्कूल बस में बैठाकर वापस आ शालू खिन्न मन से टैरेस पर जाकर बैठ गई. सुहावना मौसम, हल्के बादल और पक्षियों का मधुर गान कुछ भी उसके मन को वह सुकून नहीं दे पा रहे थे, जो वो अपने पिछले शहर के घर में छोड़ आई थी. शालू की इधर-उधर दौड़ती सरसरी नज़रें थोड़ी दूर एक पेड़ की ओट में खड़ी बुढ़िया पर ठहर गईं. ‘ओह! फिर वही बुढ़िया, क्यों इस तरह से उसके घर की ओर ताकती है?’ शालू की उदासी बेचैनी में तब्दील हो गई, मन में शंकाएं पनपने लगीं. इससे पहले भी शालू उस बुढ़िया को तीन-चार बार नोटिस कर चुकी थी. दो महीने हो गए थे शालू को पूना से गुड़गांव शिफ्ट हुए, मगर अभी तक एडजस्ट नहीं हो पाई थी. पति सुधीर का बड़े ही शॉर्ट नोटिस पर तबादला हुआ था, वो तो आते ही अपने काम और ऑफ़िशियल टूर में व्यस्त हो गए. छोटी शैली का तो पहली क्लास में आराम से एडमिशन ह...

एक कदम ईश्वर की ओर भाग 1

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई। शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है।  वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा। दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई।  वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था।  उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम  थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे। वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों ही करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फंस गए।  दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था।  थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है?  बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।  गाय ने कहा, लेकिन तु...