विश्व के पर्यावरण में आंतरिक बल को बिखेरने के गुण




मानसिक शक्ति - संकल्प 


-शांति और प्रेम यह आत्मा के मूल गुण है । सारा संसार इसी पर खड़ा  है । इन्ही दो शव्दो में अथाह बल है । इसे ही डेवेलप करना है ।


-कौन से शब्द व गुण का  अभ्यास करना चाहिये । जिस से हमे अपने जीवन में  मन इच्छित फल मिले तथा ईश्वरीय शक्तियों को प्राप्त कर सके ।


-आप अपने को देखो आपको क्या पसंद है । शांति या प्रेम । अगर शांति पसंद है तो शांति का  अभ्यास हर समय करो अगर प्रेम पसंद है तो प्रेम का अभ्यास करो।


शांति सब को प्रिय है इसलिये हम शांति के संकल्प  को ले कर चलते है ।


-मै शांत हूं शांत हूँ सदा  इस भाव में टिके  रहो। परमात्मा को देखते हुए आप शांति के सागर है, इस गुण से याद करो । कोई व्यक्ति देखो या याद आयें तो उसको कहो आप शांत स्वरूप है । जब इस तरह एक ही संकल्प मन में रखेंगे तो उस का एक गति चक्र बन जायेगा ।


-इसी तरह के और भी अच्छे  शव्दो को हम ले सकते है। इन शव्दो को  बार बार दोहराते रहे तो उस से उत्पन्न हुई ध्वनि या कम्पन की तरंगे सीधी या साधारण नहीं रह जाती। वह एक वृत बन जाती हैं, और वह तरंगे घूमने लगती हैं।


 इन तरंगो का वृताकार रूप में  घूमना उस व्यक्ति और ब्रह्माण्ड में एक असाधारण शक्ति प्रवाह उत्पन करता है। उस के फल स्वरूप उत्पन्न हुए परिणामों को चमत्कार कहेंगे।


-इस शब्द की शक्ति को दूसरे प्रकार से समझा जा सकता है।


-शेर की दहाड़ से हम डर जाते है।


-कोयल की कूक सुनते ही मनुष्य में प्यार उमड़ने लगता है।


-दही को मथने से माखन निकलता है।


-शुध्द संकल्प को रीपीट करने से ऐसी शक्ति निकलती है, जो रोग ठीक कर देती है। अलग अलग रोगों को ठीक करने के लिये कौन से शब्द और कितनी मात्रा में हो जो रोग ठीक हो जाये यह खोज करनी है। प्राचीन भारत में यह खोज पहले से ही हुई थी परन्तु आज विलुप्त हो चुकी हैं, यदि आप ऐसा कुछ जानते हैं को अवश्य कमेंट कर के बताएं, जिससे हमें अपने संस्कृति को सुरक्षित रखने में सफलता मिले।


-अल्ट्रा साउंड तरंगों से तरह तरह के इलाज सम्भव हो रहे हैं।


-बिजली, भाप, एटम,बारूद आदि सूक्ष्म में कम्पन शक्ति ही है।


संकल्प से भी कम्पन पैदा होते हैं, तथा इस से हम सर्व श्रेष्ठ ईश्वरीय शक्तियों को पकड़ सकते हैं।


-संगीत से पशु अधिक दूध देते हैं।


-बीन बजा कर हम साँप को वश में कर सकते हैं।


-संगीत से दीपक जला सकते हैं।


-बादलों से वर्षा करवा सकते हैं।



-ऐसे ही हम अलग अलग  संकल्पों से उपलब्धियां पा सकते हैं। परंतु यह खोज करनी है, इस से संसार का कल्याण होगा।

Comments

  1. 👌बहुत ही सुंदर तरीके से संकल्प की शक्ति‌ को बताया गया है।

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

नीरज स्मृति

सचमुच का झटका !

जोगेन्द्रनाथ मंडल- देश का गुमनाम गद्दार।