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एक खतरनाक साजिश

 🔥 “संयुक्त परिवार तोड़कर उपभोक्ता बनाया गया भारत 🌍 “जब परिवार टूटते हैं, तभी बाजार फलते हैं” ये सिर्फ विचार नहीं, रणनीति है। 🌏 आधुनिकता या छुपी हुई ग़ुलामी? ✊🏻भारत की सबसे मजबूत चीज क्या थी? भारत पर मुग़ल आए, अंग्रेज़ आए, और कई हमलावर आए — लेकिन एक चीज़ कभी नहीं टूटी:- 👉 हमारा संयुक्त परिवार। 🔅3 पीढ़ियाँ एक छत के नीचे 🔅 बुज़ुर्गों का अनुभव 🔅बच्चों में संस्कार 🔅खर्च में सामूहिकता 🔅त्यौहारों में गर्माहट यह हमारी असली “Social Security” थी। कोई पेंशन की ज़रूरत नहीं थी, कोई अकेलापन नहीं, कोई Mental Health Crisis नहीं। 💣 पश्चिम को यह चीज़ क्यों खटकने लगी? पश्चिमी देश उपनिवेशवादी रहे हैं उनके लिए बाज़ार सबसे बड़ा धर्म है। लेकिन भारत जैसा देश, जहाँ लोग साझा करते हैं, कम खर्च करते हैं, और सामूहिक सोच रखते हैं वहां वे अपने उत्पाद बेच ही नहीं पा रहे थे। ❇️इसलिए एक शातिर रणनीति बनाई गई: “इनके परिवार ही तोड़ दो, हर कोई अकेला हो जाएगा, और हर कोई ग्राहक बन जाएगा।” 🚩कैसे हुआ ये हमला? 📺 1. मीडिया के ज़रिए संयुक्त परिवार को “झगड़ों का अड्डा”, “बोझ” और “रुकावट” के रूप में दिखाया गया। न्...

RTI🚩1

🚩 RTI Application under Section 6(1) of the RTI Act, 2005 To: The Central Public Information Officer (CPIO) Department of Ex-Servicemen Welfare Ministry of Defence Room No. 222-B, Sena Bhawan,  New Delhi – 110011 Subject: Request for Information under RTI Act, 2005 regarding implementation of OROP-3 and denial of ₹6200 X Pay to pre-01.01.2016 diploma-holding technical retirees despite AICTE equivalency and 7th CPC recommendations. Respected Sir/Madam, Kindly provide the following information under the RTI Act, 2005 with reference to Ministry of Defence Letter No. 1(1)/2019/D(Pen/Pol) dated 18.05.2023, wherein it is stated that recommendations of the 7th CPC are not applicable to those who retired prior to 01.01.2016, especially regarding the grant of ₹6200 X Group Pay to Group X diploma-holding personnel. Information requested under RTI Act, 2005 1. Please provide the certified copy of file noting, decision-making authority, and policy basis for the assertion made in Para 4 of t...

नीरज स्मृति

हम कितनी हसरतों और उम्मीदों के कातिल है !! जिंदगी जो हमें दे रही, हम  बस अब उसी के काबिल हैं !! प्रायश्चित तो पापों का होता है !! गुनाह तो, अब खुद के भी, ना क्षमा के काबिल है !!  जिंदगी जो हमें......... जो दिया है हमने अपनों को  वही समेट के, खुद, से खुद के दामन में ।। प्रायश्चित  है तो ये, हमें ये सोच कर करना है ।  बस हम अब इसी के काबिल है !! हम कितनी हसरतों और उम्मीदों के कातिल हैं !!

एक और गद्दारी

 क्या आपने अमीर अली का नाम सुना है? राजस्थान के इतिहास में यह वह व्यक्ति है जिसके धोखे के कारन महिलाएं जोहर नहीं कर पाई और उन्हें तलवारो से काटना पड़ा, तो चलिए आज जैसलमेर के राजा लूणकरण को याद करते है, जो मित्रता के नाम पर राजस्थान के सबसे बड़े धोखे का शिकार हुआ।  अमीर अली कंधार का नवाब था, तथा उसकी उसके भाई के साथ लड़ाई हो गयी और उसके भाई ने उसे हरा दिया, अपने भाई से हारने के बाद आमिर अली जैसलमेर के राजा लूणकरण के पास शरण लेता है, और चूँकि शरणागत की रक्षा करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, महाराज लूणकरण अमीर अली को शरण दे देते है, व दोनों अपनी मित्रता को दर्शाने के लिए पगड़िया बदलते है। लूणकरण अमीर अली को जैसलमेर में जागीर देकर उसके रहने का प्रबंध करते हैं। दिन बीतते है, राजा का अमीर अली पर विश्वास बढ़ता जाता है, और राजा अमीर अली पर बहुत ज्यादा विश्वास करने लगते है, अमीर अली ने एक बार राजा से कहता है की, उसकी बेगमें रनिवास की महिलाओ से मिलना चाहती है, पर वह नहीं चाहता की कोई और उसकी महिलाओं को देखे, इस पर राजा लूणकरण कहते है की कुछ दिनों में, राजमहल के अधिकांश व्यक्ति ए...

आओ अपने अंदर झांके

 कांग्रेस को क्यों गाली देते हो मित्रों.? गलत तो आप और हम हैं। शास्त्री जी की हत्या के बाद भी कांग्रेस को सत्ता में लाया कौन था.? हम संतो को संसद के गलियारे में गोलियों से भूनने के बाद भी इंदिरा गांधी को सत्ता किसने दी थी.? हमने चीन से ज्यादा सैन्य शक्ति से संपन्न होते हुए भी 1962 में अपनी लाखो हेक्टेयर जमीन चीन को लुटा देने वाली कायर कांग्रेस को सराखों पर बिठाया था किसने.? हमने हिन्दुओं को चुन-चुन कर नसबंदी करने वाली और मुस्लिम को अल्लाह की देन पर बच्चे पैदा करने वाली कांग्रेस को वोट देकर राज किसने करने दिया था.? हमने आपातकाल लगा कर जयप्रकाश नारायण जैसे लोकप्रिय जननायक को कुचलने की मुहिम चलाने वाली तानाशाह इंदिरा गांधी को कुर्सी किसने दी थी.? हमने भोपाल कांड में हजारों को तड़पा तड़पा कर मारने वाले एंडरसन को भगाने वाली राजीव कांग्रेस को अपना माई बाप बताया किसने.? हमने बोफोर्स की दलाली में खाने वालों को गद्दी किसने दी.? हमने देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमान का है, फिर भी सपोर्ट करने वाले कौन.? हम प्रभु श्री राम जी को काल्पनिक कहने वाले को सपोर्ट करने वाले कौन.? हम सनातन को जड़ ...

अग्नि पथ : अग्नि वीर योजना, या देश विरोधी ताकतों के लिए एक भीषण संकट

सबसे पहले बिहार में अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ तोड़फोड़, आगजनी हुई और उपद्रव में अरैस्ट किये गए। उपद्रवियों के नाम जानिए जिससे मालूम पड़ेगा कि किसको इस योजना से खतरा था और योजना को रद्द कराना चाहते थे।  पकड़े गये युवक-- अशरफ, मेहमूद, अली, जुनैद, अब्दुल, फारुख,  गुलबुद्धन, फखरूदिन  जलालूदिन, मोहम्मद शौकीन, मोहम्मद तौकिन  मोहम्मद सैफुद्दीन...  कुछ समझ में आ रहा है दोस्तों? कौन समुदाय इसका विरोध कर रहा था और क्यों कर रहा था?  सी डी एस जनरल रावत ने कहा था कि भारत को ढाई मोर्चों पर लडने की तैयारी रखनी चाहिए। मुसलमान जब संयोजित आक्रमण करेंगे तो एक मोर्चा loc पर खोलने और दूसरा मोर्चा पाकिस्तान की सहायता के लिये चीन Lac पर खोल देगा तथा आधा मोर्चा देश में अन्दर रह रहे मुसलमान शहर शहर में पूरेदेश में खोल देंगे।  मैं इसे ढाई मोर्चा नहीं पूरे तीन मोर्चे मानूँगा। क्योंकि देश के अन्दर छेड़ा गया गृहयुद्ध सीमा के मोर्चो से भी बड़ा होगा। शहर शहर और गांव गांव में लडा़ जायेगा! मुसलमान समझ गये हैं कि अग्निवीर गृह युद्ध की स्थिति में मुसलमानों से लड़ेंगे और पूरी जनता नि:श...

बटवारे में कलकत्ता भारत से अलग हो जाता

 बटवारे में कलकत्ता भारत से अलग हो जाता यदि महावीर गोपाल पाठा खटीक न होते। जिन्ना ने अपने डायरेक्ट एक्शन डे के लिए कोलकाता (कलकत्ता) को चुना क्योंकि वो चाहता था कि कोलकाता पाकिस्तान में हो।  कोलकाता उस समय भारत का एक प्रमुख व्यापारिक शहर था, और जिन्ना कोलकाता को खोना नहीं चाहता था! कोलकाता को हिंदू मुक्त बनाने का मिशन सुहरावर्दी को दिया गया था, जो बंगाल का मुख्यमंत्री था, और जिन्ना के प्रति वफादार था। उस समय 1946 में कलकत्ता में 64% हिंदू और 33% मुसलमान थे। सुहरावर्दी ने 16 अगस्त को अपनी योजना को अंजाम देना शुरू किया, उसके द्वारा एक हड़ताल की घोषणा की गई और सभी मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और मस्जिद में इकट्ठा हो गए।  रमजान का शुक्रवार और 18वां दिन था। और नमाज के बाद हिंदुओं को कुचलने लगी मुस्लिम भीड़! और जैसा कि सुहरावर्दी को उम्मीद थी, हिंदुओं ने कोई प्रतिरोध नहीं दिखाया, और आसानी से मुस्लिम भीड़ के आगे घुटने टेक दिए। सुहरावर्दी ने मुस्लिम भीड़ को आश्वासन दिया कि उसने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह उनके मिशन में आड़े न आए। लोहे की छड़ों, तलवारों और अन्य खतरनाक...