Posts

आज धर्मी एवं अधर्मी दोनों के लिए Zomato एक बड़ा खतरा क्यों बन गया है ❓आप भी जानें।

Image
Zomato की कहानी ट्विटर से घूम कर फेसबुक पर आ गयी. उसमें भोजन के धर्म का प्रश्न उठाया गया है।   अभी तक अमेज़न को पैसा दिया अब अमेज़न से पैसा लेना शुरू करें   एक हिन्दू ने एक मुस्लिम डिलीवरी बॉय के हाथ से डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया और अपना आर्डर कैंसिल करा दिया। Zomato ने अपनी पीठ थपथपाते हुए शाबाशी लूटने की कोशिश की कि भोजन का कोई धर्म नहीं होता..एक कस्टमर की कमी बर्दाश्त की जाएगी।       हम हिंदुओं का इस विषय पर गुस्सा यह निकल कर आ रहा है कि एक मुस्लिम की हलाल मीट नहीं होने की शिकायत को तो गम्भीरता से लिया गया, पर हिन्दू की धार्मिक कंसीडरेशन की शिकायत को ना सिर्फ नकार दिया गया, बल्कि उसे अपनी पीठ थपथपाने का अवसर भी बना लिया गया। क्यों❓ हमारी आपत्तियों में वह दम क्यों नहीं होता जो एक मुस्लिम की आपत्ति में होता है❓    पहली बात तो यह कि एक हिन्दू की आपत्ति एक व्यक्ति की आपत्ति है जबकि एक मुसलमान की आपत्ति पूरे समुदाय की आपत्ति है. उसमें एक कंसिस्टेंसी है। जो एक मुस्लिम की आपत्ति होगी वही दूसरे मुस्लिम की भी होगी। और यह आपत्ति किसी एक दिन की...

क्या हिन्दू होना गलत है❓

सेवा में,  आदरणीय प्रधानमंत्री जी नमस्कार !!! विषय -- मुसलमानों द्वारा हिंदूओं के साथ किए गये माब लिचिंग पर महोदय, अभी कुछ दिन पहले आपके पास असहिष्णुता गैंग ( शहरी नक्सलीयों ) के 49 सदस्यों के समुह का एक पत्र पहुंचा है. शहरी नक्सलीयों द्वारा पत्र लिखने के पीछे बहुत ही सोची-समझी साजिश है जिसके तीन प्रमुख कारण मुझे समझ में आ रहे हैं.  (1) विदेशों में भारत के छवि को नुकसान पहुंचाना (2) दुनिया के सबसे सुसंस्कृत और सभ्य हिंदू समाज को बदनाम करना (3) भारत को पांच ट्रिलियन डालर के अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को रोकना। इसलिए, हम समस्त हिंदू समाज ने यह निर्णय लिया है कि उन 49 शहरी नक्सलियों के जवाब में आपको आनलाइन पत्र लिखा जाए और आपको वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जाए. हिंदूओं द्वारा कोई मॉब लिंचिंग नहीं हो रहा है बल्कि इसका फेक नैरेटिव बनाकर इसका खूब ढोल पीटा जा रहा है. जबकि, सच ये है कि मुसलमानों द्वारा प्लान कर पूरे देश में मॉब लिंचिंग किया जा रहा है जिसमें हिंदूओ को शिकार बनाया गया है उसी के आलोक में हम हिन्दू समाज कुछ आंकड़े इस पत्र में प्रस्तुत कर रहे हैं.... (1...

हर हिन्दू के दिल की आवाज

मैं हिंदू हूँ जब से मैंने होश संभाला है लगातार सुनता आ रहा हूँ कि बनिया कंजूस होता है, नाई चतुर होता है, ब्राह्मण धर्म के नाम पर सबको बेवकूफ बनाता है, यादव की बुद्धि कमजोर होती है, राजपूत अत्याचारी होते हैं, चमार गंदे होते हैं, जाट और गुर्ज्जर बेवजह लड़ने वाले होते हैं, मारवाड़ी लालची होते हैं... और ना जाने ऐसी कितनी असत्य परम ज्ञान की बातें सभी हिन्दुओं को आहिस्ते - आहिस्ते सिखाई गयी ! नतीजा हीन भावना, एक दूसरे की जाति पर शक और द्वेष धीरे- धीरे आपस में टकराव होना शुरू हुआ और अंतिम परिणाम हुआ कि मजबूत, कर्मयोगी और सहिष्णु हिन्दू समाज आपस में ही लड़कर कमजोर होने लगा ! उनको उनका लक्ष्य प्राप्त हुआ ! हजारों साल से आप साथ थे...आपसे लड़ना मुश्किल था..अब आपको मिटाना आसान है ! आपको पूछना चाहिए था कि अत्याचारी राजपूतों ने सभी जातियों की रक्षा के लिए हमेशा अपना खून क्यों बहाया ? आपको पूछना था कि अगर चमार, दलित को ब्राह्मण इतना ही गन्दा समझते थे तो बाल्मीकि रामायण जो एक दलित ने लिखा उसकी सभी पूजा क्यों करते हैं ?माता सीता क्यों महृषि वाल्मीकि के आश्रम में रहती।  आपने नहीं ...

जानिए अमरनाथ का पूरा इतिहास ताकि अपने बच्चों को बता सकें।

पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस झूठ को नकारिए कि अमरनाथ गुफा की खोज एक मुस्लिम ने की थी! जानिए अमरनाथ का पूरा इतिहास ताकि अपने बच्चों को बता सकें। 1 जुलाई से बाबा बर्फानी के दर्शन के अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही फिर से सेक्युलरिज्म के झंडबदारों ने गलत इतिहास की व्याख्या शुरू कर दी है कि इस गुफा को 1850 में एक मुस्लिम बूटा मलिक ने खोजा था! पिछले साल तो पत्रकारिता का गोयनका अवार्ड घोषित करने वाले इंडियन एक्सप्रेस ने एक लेख लिखकर इस झूठ को जोर-शोर से प्रचारित किया था। जबकि इतिहास में दर्ज है कि जब इस्लाम इस धरती पर मौजूद भी नहीं था, यानी इस्लाम पैगंबर मोहम्मद पर कुरान उतरना तो छोडि़ए, उनका जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ की गुफा में सनातन संस्कृति के अनुयायी बाबा बर्फानी की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। कश्मीर के इतिहास पर कल्हण की ‘राजतरंगिणी’ और नीलमत पुराण से सबसे अधिक प्रकाश पड़ता है। श्रीनगर से 141 किलोमीटर दूर 3888 मीटर की उंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा को तो भारतीय पुरातत्व विभाग ही 5 हजार वर...

भारत का डरा हुआ मुसलमान, क्या है आर्थिक बहिष्कार

भारत का डरा हुआ मुसलमान और  इनके डर का आलम देखिये जाहिद और असलम उधार दिए पैसे वापस मांगने पर 3 वर्ष की नन्ही ट्विंकल शर्मा का रेप कर बेरहमी से कत्ल कर देते हैं। बिहार के जमुई में सद्दाम अंसारी 8 वर्षीय निशा कुमारी का रेप कर पत्थरों से उसका सिर कुचल देते हैं।  बाराबंकी में रंजीत की 6 वर्षीय मासूम बेटी का 40 वर्षीय सलीम रेप कर देता है। कानपुर में दरोगा जाकिर हुसैन 7 बहनों का इकलौता भाई रजत वर्मा को गाड़ी से कुचल कर मार देता है। दिल्ली में बेटी छेड़ने का विरोध करने पर पूरे परिवार मिलकर ध्रुव त्यागी और उसके बेटे को चाकुओं से गोद देता है जिसमे ध्रुव त्यागी की मृत्यु हो जाती है। मेरठ में लस्सी के पैसे मांगने पर पंकज यादव और भरत यादव को 15 मुसलमान पीट पीटकर भरत यादव की हत्या कर देते हैं। अलीगढ़, हजारीबाग, जयपुर आदि में रामनवमी के जुलूस पर हमले करते हैं दुकानों को आग लगा देते हैं। देवास में एक दलित युवक की बारात मस्जिद के पास से निकलती है तो बरातियों पर हमले कर देते हैं। पीलीभीत में मन्दिर में लाउडस्पीकर बजने पर मुसलमानों का झुण्ड हमला कर देता है और मन्दिर में तोड़फोड़ कर देवम...