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डंके की चोट

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 🛑 *#हिंदू_राष्ट्र_अधिनियम*         (योगी सरकार की पहल)    अब साकार होगा हिंदू राष्ट्र का सपना    *दिल्ली आएं-*    *तिथि जल्द घोषित की जाएगी*    *मुख्य मांगें-*    01. हिन्दुस्तान अब हिन्दू राष्ट्र कहलायेगा। शासन का मुख्य धर्म सनातन हिंदू धर्म होगा और इसकी उप शाखाएं जैन, बौद्ध, सिख होंगी।    02. ऐसे राज्य में जहां हिंदू और उनके घटक आबादी के 50% से कम हैं, उन्हें सभी अल्पसंख्यक लाभ मिलेंगे। लेकिन हिंदुओं की आबादी कम नहीं होनी चाहिए    03. देश के प्रमुख संवैधानिक पद जैसे पीएम, राष्ट्रपति, चुनाव आयुक्त, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह, रक्षा मंत्री, अध्यक्ष, तीनों सेना प्रमुख, मेयर, कलेक्टर, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, आरबीआई। गुरबनेर एट अल। अब मुख्य पदों पर सिर्फ हिंदू और इसकी उपशाखाओं के लोग ही बैठेंगे।    04. देश और राज्य में सरकारी नौकरियों, शिक्षा, निर्वाचन क्षेत्रों पर हिंदुओं और उसके घटकों की अधिकतम सीमा 90% से अधिक होगी।   ...

दोगलापन सिस्टम का या व्यक्ति विशेष का❓

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 बड़की अदालत ......!!!!! संविधान मे वर्णित "मौलिक अधिकारो" यानि फंडामेंटल राईट्स की रक्षा के लिए नागरिको को आर्टिकल-३२ के तहत "संवैधानिक उपचार" की व्यवस्था की गई है ।        Article-32 के तहत कोई भी नागरिक अपने फंडामेंटल राईट्स की रक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकता है       सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल -३२ के तहत ही पाँच प्रकार की Writ जारी करता है ... जिन्हे क्रमश: 1- Habeas corpus 2-mandamus 3- prohibition 4- quo warranto और 5-certiorari    के रूप मे हम सभी जानते ही है        बिल्कुल यही शक्तियां राज्यो के हाई कोर्ट मे भी नीहित है , जिसकी अधिकारिता राज्यो तक सीमित है । हाई कोर्ट को ये शक्तियां संविधान के आर्टिकिल- 226 के तहत मिलती है ।  सुप्रीम कोर्ट ने जहाँगीरपुरी मे बुलडोजर रूकवाया , यहाँ तक मै कुछ भी गलत नही पाता हूँ । अब भाई , सुप्रीम कोर्ट को ये शक्तियां , और नागरिको को ये हक स्वयं संविधान ने ही दिया है ।       Mandamus यानि परमादेश की Writ के द्वारा आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट ने बुलड...

नया वर्ष एक या दो बार

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 बेटा :- पापा ये नया साल २ बार क्यों आता है.?? पिता :- नहीं बेटा.. नया साल तो एक बार ही आता है । साल में 1 जनवरी को... बेटा :- नही पापा.. एक भैया घर पर आकर  एक झंडा दे गए हैं  केसरिया रंग का..  और बोले इसको नए साल के दिन सुबह अपने घर की छत पर लगाना...। पिता :- ओह हो बेटा.. वो संघ शाखा और विश्व हिन्दू परिषद बजरँगदल वाले होंगे.. वो ये  "हिन्दु वाला"  नया साल मनाते है... बेटा आश्चर्य से पिता की ऒर देखकर जो कहता है  वो शायद हमारी आँखे खोल दे.?? "पापा इसका मतलब क्या हम हिन्दु नहीं है".??  क्या हम अपनी दिवाली, दशहरा, होली, राखी, तीज, गणगौर नहीं मनाते.??  तो फिर हम अपना नया साल सिर्फ अंग्रेजों वाला ही क्यों मनाये.??  क्युँ नही हम पहले अपना "हिन्दु नव वर्ष" मनाये.?? पिता :- कुछ सोचकर..  बेटा तेरी बात तो एकदम सही है.. ठीक है  जा बेटा लगा दे  अपना केसरिया भगवा झंडा घर के ऊपर और  तेरी माँ से कह दे की  हमारे हिन्दु नव वर्ष पर खीर पुड़ी भी बना लेवे.. भई हम हिन्दुओं का अपना तो यही नया साल है ;  कुछ मीठा भी तो होना ही चाहि...

दुर्योधन की जंघा कैसे तोड़ें

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 #दुर्योधन_की_जंघा दुर्योधन! महाभारत का ही नहीं विश्व के सबसे बड़े खलनायकों का आदिगुरू। आपको शायद यह शब्द अजीब लग रहा होगा लेकिन सत्य यही है। संसार में एक से एक हिंसक और खूँख्वार  पात्र हुये लेकिन दुर्योधन संसार का पहला अनूठा खलनायक था।  क्या वह रावण से ज्यादा खतरनाक योद्धा था?  क्या वह अलैग्जेंड्रिया की लाइब्रेरी जलाने वाले खलीफा उमर  से बड़ा बर्बर था? क्या वह तैमूर गजनवी और औरंगजेब जैसे मुस्लिम बादशाहों जैसा हत्यारा था?  नहीं, वह इन पैशाचिक गुणों में इनके आसपास भी नहीं था लेकिन उसमें एक ऐसी कला थी जिसने न केवल उस युग के जनसामान्य ही नहीं बल्कि राजनीति के माहिर ऋषियों व राजाओं को भी भ्रमित कर दिया।  वह घोर अन्यायी और परपीड़क होने के बावजूद स्वयं को विक्टिम प्रदर्शित करने में माहिर था। वह झूठा नैरेटिव गढ़ने में माहिर था। उसकी इस कला ने उसके बर्बर कार्यों और पापों को ही नहीं ढंक लिया बल्कि उल्टे पांडवों को ही लगभग अधर्मी सिद्ध कर दिया।  -भरतवंश में योग्यतम राजकुमार को राज्य देने की परंपरा थी और उसने जनसामान्य के सामने सिद्ध कर दिया कि उसे केवल उसके पित...

The Kashmir Files

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 TheKashmirFiles!  विवेक बाबू दिल चीरकर कोई रखता है क्या? आपने कश्मीर के दर्द को सुना नहीं है बल्कि उसके सीने से दर्द बाहर खींच लिया है। जो पिछले 30 सालों से दफन था।  कश्मीर की उस काली रात के रहस्य व कश्मीरी पंडितों के दर्द को लेखक-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने अपने सहयोगी लेखक सौरभ एम पांडे के साथ मिलकर झंकझोर देने वाला और सच को खींचकर बाहर लाने वाली स्क्रिप्ट व स्क्रीन प्ले दिया है। हर फ्रेम चीख रही है। सीधे दिल से कनेक्ट कर रही है। विवेक की कहानी कृष्णा पंडित को केंद्र में रखकर कश्मीर जाती है और ब्रह्म दत्त, विष्णु राम, डीजीपी हरि नरेन, डॉक्टर, राधिका मेनन आदि महत्वपूर्ण किरदारों को उठाती है। इत्मीनान से पुष्कर पंडित को सुनती है। इतने सालों से दफन तर्क व असल सच को पटक कर रख देती है।  पुष्कर पंडित की सच्चाई का अंत इतना भयावह है कि कमज़ोर दिल वाले दर्शक आँखें बंद कर लेंगे। देखा न जाएगा।  विवेक ने जनवरी 1990 से अगस्त 2019 तक के सफर को अच्छे से समेटा है। उनकी कहानी वर्तमान और अतीत में कैद कश्मीरी पंडितों के अश्रुओं की 'डल' में गोते लगाती निकलती है। विवेक ने कहानी ...

कांग्रेस-एक धोखा...... हम हिन्दू भूलने में माहिर हैं।

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  16 जून 2013 को उत्तराखंड केदारनाथ में जलप्रलय शुरू हुआ जो भीषण तबाही मचा गया था। केदारनाथ में लगभग पच्चीस हजार श्रद्धालु मर गये थे। तीन दिन चली इस भीषण तबाही में कांग्रेस की सरकार ने केदारनाथ में फंसे श्रद्धालु भक्तों की कोई मदद नही की। चौथे दिन जब इस भयंकर तबाही की खबर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गई तब निर्लज्ज कांग्रेस ने सहायता भेजने का एलान किया ! #ध्यान रहे सिर्फ #एलान किया था। 18 जून को AntonioMaino_सोनियांगा अमेरिका अपना गुप्त इलाज कराने गई हुई थी और राहुल गांdi massage@ बैंकॉक में थ।  उन्हें सूचना भेजी गई तब दोनों मां बेटे 21 जून को भारत पहुंचे ! कांग्रेस ने बहुत तामझाम करके आपदा में फंसे लोगों की सहायता के लिये बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलों के आठ ट्रक रवाना किये । जिन पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बड़े बड़े पोस्टर लगाकर मां बेटे ने उन्हें झंडी दिखाकर रवाना किया फोटो भी खिंचवाए गये जो अखबारों की सुर्खियां बने थे। #उन ट्रकों को न #किराया दिया गया न #डीजल दिया गया था । आठ दिन भटककर उन ड्राइवरों ने वो बिस्किट बेचकर अपना किराया वसूल किया और निकल लिये । आज...

कहानी ''300 यूनिट बिजली फ्री" की

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 कल्लू बड़ा खुश है उसको 300 यूनिट बिजली फ्री मिल गई है,  उसको लग रहा है सर से एक बोझ उतर गया है,  अब बिजली का सोचना ही नही है ! शाम को आराम से अपनी चारपाई पे लेटा सुख का अनुभव कर रहा है  तभी बिजली कट जाती है लेकिन वो उदास नही होता क्योंकि पैसे जो बच रहे है, कुछ देर बीती तो आवाज लगा पूछा सीमा घर आई क्या ?  अंदर से पत्नी ने कहा नही.. आज तो लेट हो गई लड़की और लाइट भी कट गई है,  तभी कल्लू की लड़की रोते हुए घर आई,  कारण पूछा गया तो पता चला चौराहे पर लड़को ने छेड़ा है और शरीर भी छू लिया । कल्लू गुस्से में चौराहे की तरफ दौड़ता है तो देखता है लड़का तो सपा कार्यकर्ता है और वोट भी मांगने आया था ।  कल्लू गुस्से से लड़के की ओर लपकता है और दो चार थप्पड़ जमा देता है,  तब तक बाकी लड़के कल्लू पर टूट पड़ते है और कल्लू की जम कर पिटाई कर देते है,  मगरमच्छ के आंसुओं से बच कर रहें कल्लू दौड़ता हुआ पुलिस स्टेशन पहुंच जाता है और लड़को की शिकायत करता है, पुलिस कल्लू को ही डांट के भगा देती है  क्योंकि लड़का जाना माना गुंडा और सपा कार्यकर्ता रहता है।  ऊ...