Posts

एक और गद्दारी

 क्या आपने अमीर अली का नाम सुना है? राजस्थान के इतिहास में यह वह व्यक्ति है जिसके धोखे के कारन महिलाएं जोहर नहीं कर पाई और उन्हें तलवारो से काटना पड़ा, तो चलिए आज जैसलमेर के राजा लूणकरण को याद करते है, जो मित्रता के नाम पर राजस्थान के सबसे बड़े धोखे का शिकार हुआ।  अमीर अली कंधार का नवाब था, तथा उसकी उसके भाई के साथ लड़ाई हो गयी और उसके भाई ने उसे हरा दिया, अपने भाई से हारने के बाद आमिर अली जैसलमेर के राजा लूणकरण के पास शरण लेता है, और चूँकि शरणागत की रक्षा करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, महाराज लूणकरण अमीर अली को शरण दे देते है, व दोनों अपनी मित्रता को दर्शाने के लिए पगड़िया बदलते है। लूणकरण अमीर अली को जैसलमेर में जागीर देकर उसके रहने का प्रबंध करते हैं। दिन बीतते है, राजा का अमीर अली पर विश्वास बढ़ता जाता है, और राजा अमीर अली पर बहुत ज्यादा विश्वास करने लगते है, अमीर अली ने एक बार राजा से कहता है की, उसकी बेगमें रनिवास की महिलाओ से मिलना चाहती है, पर वह नहीं चाहता की कोई और उसकी महिलाओं को देखे, इस पर राजा लूणकरण कहते है की कुछ दिनों में, राजमहल के अधिकांश व्यक्ति ए...

आओ अपने अंदर झांके

 कांग्रेस को क्यों गाली देते हो मित्रों.? गलत तो आप और हम हैं। शास्त्री जी की हत्या के बाद भी कांग्रेस को सत्ता में लाया कौन था.? हम संतो को संसद के गलियारे में गोलियों से भूनने के बाद भी इंदिरा गांधी को सत्ता किसने दी थी.? हमने चीन से ज्यादा सैन्य शक्ति से संपन्न होते हुए भी 1962 में अपनी लाखो हेक्टेयर जमीन चीन को लुटा देने वाली कायर कांग्रेस को सराखों पर बिठाया था किसने.? हमने हिन्दुओं को चुन-चुन कर नसबंदी करने वाली और मुस्लिम को अल्लाह की देन पर बच्चे पैदा करने वाली कांग्रेस को वोट देकर राज किसने करने दिया था.? हमने आपातकाल लगा कर जयप्रकाश नारायण जैसे लोकप्रिय जननायक को कुचलने की मुहिम चलाने वाली तानाशाह इंदिरा गांधी को कुर्सी किसने दी थी.? हमने भोपाल कांड में हजारों को तड़पा तड़पा कर मारने वाले एंडरसन को भगाने वाली राजीव कांग्रेस को अपना माई बाप बताया किसने.? हमने बोफोर्स की दलाली में खाने वालों को गद्दी किसने दी.? हमने देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमान का है, फिर भी सपोर्ट करने वाले कौन.? हम प्रभु श्री राम जी को काल्पनिक कहने वाले को सपोर्ट करने वाले कौन.? हम सनातन को जड़ ...

अग्नि पथ : अग्नि वीर योजना, या देश विरोधी ताकतों के लिए एक भीषण संकट

सबसे पहले बिहार में अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ तोड़फोड़, आगजनी हुई और उपद्रव में अरैस्ट किये गए। उपद्रवियों के नाम जानिए जिससे मालूम पड़ेगा कि किसको इस योजना से खतरा था और योजना को रद्द कराना चाहते थे।  पकड़े गये युवक-- अशरफ, मेहमूद, अली, जुनैद, अब्दुल, फारुख,  गुलबुद्धन, फखरूदिन  जलालूदिन, मोहम्मद शौकीन, मोहम्मद तौकिन  मोहम्मद सैफुद्दीन...  कुछ समझ में आ रहा है दोस्तों? कौन समुदाय इसका विरोध कर रहा था और क्यों कर रहा था?  सी डी एस जनरल रावत ने कहा था कि भारत को ढाई मोर्चों पर लडने की तैयारी रखनी चाहिए। मुसलमान जब संयोजित आक्रमण करेंगे तो एक मोर्चा loc पर खोलने और दूसरा मोर्चा पाकिस्तान की सहायता के लिये चीन Lac पर खोल देगा तथा आधा मोर्चा देश में अन्दर रह रहे मुसलमान शहर शहर में पूरेदेश में खोल देंगे।  मैं इसे ढाई मोर्चा नहीं पूरे तीन मोर्चे मानूँगा। क्योंकि देश के अन्दर छेड़ा गया गृहयुद्ध सीमा के मोर्चो से भी बड़ा होगा। शहर शहर और गांव गांव में लडा़ जायेगा! मुसलमान समझ गये हैं कि अग्निवीर गृह युद्ध की स्थिति में मुसलमानों से लड़ेंगे और पूरी जनता नि:श...

बटवारे में कलकत्ता भारत से अलग हो जाता

 बटवारे में कलकत्ता भारत से अलग हो जाता यदि महावीर गोपाल पाठा खटीक न होते। जिन्ना ने अपने डायरेक्ट एक्शन डे के लिए कोलकाता (कलकत्ता) को चुना क्योंकि वो चाहता था कि कोलकाता पाकिस्तान में हो।  कोलकाता उस समय भारत का एक प्रमुख व्यापारिक शहर था, और जिन्ना कोलकाता को खोना नहीं चाहता था! कोलकाता को हिंदू मुक्त बनाने का मिशन सुहरावर्दी को दिया गया था, जो बंगाल का मुख्यमंत्री था, और जिन्ना के प्रति वफादार था। उस समय 1946 में कलकत्ता में 64% हिंदू और 33% मुसलमान थे। सुहरावर्दी ने 16 अगस्त को अपनी योजना को अंजाम देना शुरू किया, उसके द्वारा एक हड़ताल की घोषणा की गई और सभी मुसलमानों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और मस्जिद में इकट्ठा हो गए।  रमजान का शुक्रवार और 18वां दिन था। और नमाज के बाद हिंदुओं को कुचलने लगी मुस्लिम भीड़! और जैसा कि सुहरावर्दी को उम्मीद थी, हिंदुओं ने कोई प्रतिरोध नहीं दिखाया, और आसानी से मुस्लिम भीड़ के आगे घुटने टेक दिए। सुहरावर्दी ने मुस्लिम भीड़ को आश्वासन दिया कि उसने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह उनके मिशन में आड़े न आए। लोहे की छड़ों, तलवारों और अन्य खतरनाक...

डंके की चोट

Image
 🛑 *#हिंदू_राष्ट्र_अधिनियम*         (योगी सरकार की पहल)    अब साकार होगा हिंदू राष्ट्र का सपना    *दिल्ली आएं-*    *तिथि जल्द घोषित की जाएगी*    *मुख्य मांगें-*    01. हिन्दुस्तान अब हिन्दू राष्ट्र कहलायेगा। शासन का मुख्य धर्म सनातन हिंदू धर्म होगा और इसकी उप शाखाएं जैन, बौद्ध, सिख होंगी।    02. ऐसे राज्य में जहां हिंदू और उनके घटक आबादी के 50% से कम हैं, उन्हें सभी अल्पसंख्यक लाभ मिलेंगे। लेकिन हिंदुओं की आबादी कम नहीं होनी चाहिए    03. देश के प्रमुख संवैधानिक पद जैसे पीएम, राष्ट्रपति, चुनाव आयुक्त, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह, रक्षा मंत्री, अध्यक्ष, तीनों सेना प्रमुख, मेयर, कलेक्टर, मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, आरबीआई। गुरबनेर एट अल। अब मुख्य पदों पर सिर्फ हिंदू और इसकी उपशाखाओं के लोग ही बैठेंगे।    04. देश और राज्य में सरकारी नौकरियों, शिक्षा, निर्वाचन क्षेत्रों पर हिंदुओं और उसके घटकों की अधिकतम सीमा 90% से अधिक होगी।   ...

दोगलापन सिस्टम का या व्यक्ति विशेष का❓

Image
 बड़की अदालत ......!!!!! संविधान मे वर्णित "मौलिक अधिकारो" यानि फंडामेंटल राईट्स की रक्षा के लिए नागरिको को आर्टिकल-३२ के तहत "संवैधानिक उपचार" की व्यवस्था की गई है ।        Article-32 के तहत कोई भी नागरिक अपने फंडामेंटल राईट्स की रक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकता है       सुप्रीम कोर्ट आर्टिकल -३२ के तहत ही पाँच प्रकार की Writ जारी करता है ... जिन्हे क्रमश: 1- Habeas corpus 2-mandamus 3- prohibition 4- quo warranto और 5-certiorari    के रूप मे हम सभी जानते ही है        बिल्कुल यही शक्तियां राज्यो के हाई कोर्ट मे भी नीहित है , जिसकी अधिकारिता राज्यो तक सीमित है । हाई कोर्ट को ये शक्तियां संविधान के आर्टिकिल- 226 के तहत मिलती है ।  सुप्रीम कोर्ट ने जहाँगीरपुरी मे बुलडोजर रूकवाया , यहाँ तक मै कुछ भी गलत नही पाता हूँ । अब भाई , सुप्रीम कोर्ट को ये शक्तियां , और नागरिको को ये हक स्वयं संविधान ने ही दिया है ।       Mandamus यानि परमादेश की Writ के द्वारा आदेश देकर सुप्रीम कोर्ट ने बुलड...

नया वर्ष एक या दो बार

Image
 बेटा :- पापा ये नया साल २ बार क्यों आता है.?? पिता :- नहीं बेटा.. नया साल तो एक बार ही आता है । साल में 1 जनवरी को... बेटा :- नही पापा.. एक भैया घर पर आकर  एक झंडा दे गए हैं  केसरिया रंग का..  और बोले इसको नए साल के दिन सुबह अपने घर की छत पर लगाना...। पिता :- ओह हो बेटा.. वो संघ शाखा और विश्व हिन्दू परिषद बजरँगदल वाले होंगे.. वो ये  "हिन्दु वाला"  नया साल मनाते है... बेटा आश्चर्य से पिता की ऒर देखकर जो कहता है  वो शायद हमारी आँखे खोल दे.?? "पापा इसका मतलब क्या हम हिन्दु नहीं है".??  क्या हम अपनी दिवाली, दशहरा, होली, राखी, तीज, गणगौर नहीं मनाते.??  तो फिर हम अपना नया साल सिर्फ अंग्रेजों वाला ही क्यों मनाये.??  क्युँ नही हम पहले अपना "हिन्दु नव वर्ष" मनाये.?? पिता :- कुछ सोचकर..  बेटा तेरी बात तो एकदम सही है.. ठीक है  जा बेटा लगा दे  अपना केसरिया भगवा झंडा घर के ऊपर और  तेरी माँ से कह दे की  हमारे हिन्दु नव वर्ष पर खीर पुड़ी भी बना लेवे.. भई हम हिन्दुओं का अपना तो यही नया साल है ;  कुछ मीठा भी तो होना ही चाहि...